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- क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने ओआरएस जिंक के 686 कीट वितरित किए
इंदौर, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 20 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। यहां जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किए जा रहे कार्यों से स्थिति सुधर रही है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में सघन दौरा किया। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में उल्टी दस्त के जो मरीज स्वस्थ होकर लोटे थे, उनका फालोअप किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि बुधवार को 189 मरीजों का फालोअप किया गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में नागरिकों को ओआरएस जिंक के 686 कीट बाटे गये। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में प्रचार प्रसार सामग्री का वितरण किया। साथ ही नागरिकों को ओआरएस बनाने की विधि, हाथ धोने के तरीके एवं उल्टी/दस्त से बचाव एवं उपचार संबंधित सामान्य संदेशों को प्रर्दशित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों को बताया कि नर्मदा जल का वितरण पाइप लाइनों को स्वच्छ करने के लिये किया जा रहा है। इसलिये क्षेत्र के निवासी उस जल का उपयोग आगामी सूचना तक नहीं करें। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिवस से आज सुबह तक मेगा माइकिंग के द्वारा संदेश प्रभावित क्षेत्र में दिया गया।
कलेक्टर वर्मा के निर्देशानुसार भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में दो एम्बुलेंस लगाई गई है। साथ ही 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रभावितों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है। वर्तमान में अस्पतालों में कुल भर्ती मरीजों की संख्या 56 है, जिसमें से आईसीयू में 9 मरीज भर्ती है।
अब तक 20 की मौत, 18 परिवारों को दिया गया मुआवजा
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 हो गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतें होना माना है, जबकि 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। प्रशासन ने परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में बुधवार को दो नए नाम जोड़े हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी मौत की सूचना मिल रही है, वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इंदौर में मौत के आंकड़ों और जिन्हें मुआवजा दिया गया है, उनकी संख्या में अंतर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे लिए एक भी व्यक्ति की जान जाना कष्टदायक है। हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं। ये अलग बात है कि प्रशासन की नजर में उनका अपना तरीका होता है। प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की संख्या तय की है, लेकिन यह फाइनल नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के माध्यम से भी मृत्यु-पंजीयन होता है। जो भी संख्या सामने आएगी, राज्य सरकार संबंधितों के परिजन को राहत राशि देने का काम करेगी। सरकार हर पल प्रभावितों के साथ है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर