केन्द्रीय कृषि मंत्री से मिले मप्र के उद्यानिकी मंत्री, एक हजार करोड़ आवंटन का किया अनुरोध
भोपाल, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उद्यानिकी एवं प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में एक हज़ार करोड़ रुपये बजट आवंटित करने का अनुर
केन्द्रीय कृषि मंत्री से मिले मप्र के उद्यानिकी मंत्री


भोपाल, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उद्यानिकी एवं प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में एक हज़ार करोड़ रुपये बजट आवंटित करने का अनुरोध किया है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रदेश को भरपूर मदद देने की सहमति दी है।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश उद्यानिकी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बन गया है। वर्ष 2005 में उद्यानिकी का रकबा मात्र 04 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हो गया। इसे आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 33 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें उद्यानिकी के रकबे में 1.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि, सूक्ष्म सिंचाई में एक लाख हेक्टेयर, भंडारण क्षमताओं में एक लाख मीट्रिक टन की वृद्धि के साथ मखाना की खेती को प्रदेश में नवाचार के रूप में लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि क्लस्टर आधारित फसलों में केला, संतरा, आलू, प्याज, लहसुन, मिर्च के साथ ब्ल्यू बैरी, डचरोज आदि फसलों को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखा गया है। गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, यंत्रीकरण, उत्पादित माल का मूल्य संवर्धन भी राज्य सरकार का लक्ष्य है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि, कृषि–उद्यानिकी के समेकित विकास, आधुनिक तकनीकों के प्रसार तथा जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देना है।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास में राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन (MIDH), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – सूक्ष्म सिंचाई घटक (PDMC) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2025–26 में MIDH योजना में 144 करोड़, RKVY में 70 करोड़ तथा PDMC में 183 करोड़ राशि वार्षिक कार्ययोजना में स्वीकृत की गई थी।

उन्होंने कहा कि ‘कृषि वर्ष’ के सफल क्रियान्वयन और प्रदेश की बढ़ती आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 में MIDH के लिये 350 करोड़ रुपये, RKVY के लिये 200 करोड़ रुपये एवं PDMC के लिये 450 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना अंतर्गत विभाग के लिए बजट प्रावधान करने का प्रस्ताव दिया। यह प्रदेश के लाखों कृषकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर