झारखंड के राज्यपाल ने ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव–2026’ के लिए चयनित प्रतिभागियों से किया संवाद
रांची, 07 जनवरी (हि.स.)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को लोक भवन में ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव–2026’ के लिए झारखंड से चयनित प्रतिभागियों से विशेष संवाद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों से आत्मविश्वास, विनम्रता और अनुशासन बना
राज्यपाल सहित अन्य


रांची, 07 जनवरी (हि.स.)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को लोक भवन में ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव–2026’ के लिए झारखंड से चयनित प्रतिभागियों से विशेष संवाद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों से आत्मविश्वास, विनम्रता और अनुशासन बनाए रखने का विशेष आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि चयनित युवा केवल स्वयं का ही नहीं, बल्कि राज्य की प्रतिभा, संस्कृति और आत्मविश्वास का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों की चयन प्रक्रिया से गुजरकर यहां तक पहुंचना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के परिश्रम, अनुशासन और लगातार प्रयास की सराहना की और उनके मार्गदर्शकों एवं प्रशिक्षकों के योगदान की भी प्रशंसा की।

राज्यपाल ने राष्ट्रीय युवा उत्सव को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और संवाद का राष्ट्रीय संगम बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच देश के विभिन्न राज्यों के युवा प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने और भारत की विविधता का निकट अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचार “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का हवाला देते हुए कहा कि यही इस उत्सव की आत्मा है।

उन्होंने प्रतिभागियों को याद दिलाया कि वे राष्ट्रीय मंच पर झारखंड के युवा एंबेसडर होंगे और उनका आचरण, भाषा और व्यवहार राज्य की छवि को दर्शाएगा। राज्यपाल ने प्रतिभागियों से कहा कि वे इस उत्सव से केवल पुरस्कार ही नहीं, बल्कि अनुभव, मित्रता और प्रेरणा लेकर लौटें।

राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी। साथ ही उन्होंने कहा कि विजेता बनकर लौटने पर उनका पुनः लोक भवन में स्वागत किया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति की सराहना की और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति के दौरान समय-सीमा, स्लाइड्स और कंटेंट पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

उल्लेखनीय है कि यह उत्सव देश के विभिन्न राज्यों से चयनित प्रतिभागियों को एक मंच पर लाने और उनकी कौशल, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। इससे झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अनुभव मिलेगा।--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे