झामुमो और कांग्रेस लोकतंत्र के असली दुश्मन : बाबूलाल
-नगर निगम चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर भाजपा का महाधरना रांची, 07 जनवरी (हि.स.)। झारखंड में नगर निगम चुनाव की तिथि अविलंब घोषित करने, दलीय आधार पर तथा ईवीएम के माध्यम से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
धरना देते हुए


-नगर निगम चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर भाजपा का महाधरना

रांची, 07 जनवरी (हि.स.)। झारखंड में नगर निगम चुनाव की तिथि अविलंब घोषित करने, दलीय आधार पर तथा ईवीएम के माध्यम से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महानगर जिला की ओर से बुधवार को नगर निगम कार्यालय के समीप धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से लेकर स्थानीय कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस पर लोकतंत्र का विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चास और बोकारो जैसे बड़े नगर निगमों में पिछले पांच वर्षों से चुनाव नहीं हुए हैं। सरकार की मंशा साफ है कि यदि इनके वश में हो, तो ये कभी चुनाव ही न कराएं।

मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में नियमित चुनाव अनिवार्य हैं, लेकिन राज्य सरकार नहीं चाहती कि विकास कार्य जनप्रतिनिधियों के हाथों में जाएं। उन्होंने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव से ही लोकतंत्र मजबूत होता है, जबकि गैर-दलगत चुनाव मनी पावर और मसल पावर को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने वर्ष 2008 में रांची के उपायुक्त रहते हुए नगर निगम चुनाव में सत्ता पक्ष के पक्ष में षड्यंत्र किया था, जिसे रांची की जनता आज भी नहीं भूली है।

मरांडी ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई, तो भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है, चारों ओर लूट मची है और जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।

भाजपा के प्रदेश कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पिछले छह वर्षों से हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही सरकार ने झारखंड को बदहाली और भय के माहौल में धकेल दिया है। राज्य की कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है और आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बैलेट पेपर के जरिए चुनाव में धांधली करना चाहती है, जबकि पूरा देश ईवीएम से चुनाव करा रहा है। वर्ष 2008 के निकाय चुनाव इसका उदाहरण है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर सरकार जनता को धोखा दे रही है। वर्षों तक निकाय चुनाव टालना लोकतंत्र का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव कराने से ही पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव है।

विधायक सीपी सिंह ने कहा कि नगर निकाय चुनावों को टालना जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार लोकतंत्र से डर रही है, इसलिए चुनाव से भाग रही है, लेकिन भाजपा इसे सफल नहीं होने देगी।

हटिया विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव ही निष्पक्ष और पारदर्शी लोकतंत्र की पहचान है। यदि सरकार ने चुनाव नहीं कराए, तो भाजपा जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे।

महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने कहा कि यह महाधरना जनता के आक्रोश और लोकतंत्र की आवाज का प्रतीक है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत चुनाव की तिथि घोषित करनी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, हेमंत दास, पूर्व विधायक समरी लाल, पूर्व डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, सत्यनारायण सिंह, के.के. गुप्ता, सुबोध सिंह गुड्डू, आरती सिंह, शशांक राज, राकेश भास्कर, रौशनी खलखो, संजय जायसवाल सहित पार्टी के हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे