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रांची, 07 जनवरी (हि.स.)। राजधानी रांची के धुर्वा स्थित मल्लारकोचा मौसीबाड़ी खटाल से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका (दोनों भाई-बहन) के लापता होने के छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों की बरामदगी में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इसी कड़ी में बुधवार को 'अंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' की बैठक धुर्वा में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया और निर्णय लिया गया कि अब समिति के बैनर तले जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने ऐलान किया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देगा और त्वरित कार्रवाई की मांग करेगा।
समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जबतक दोनों बच्चों की सकुशल वापसी नहीं हो जाती, तबतक संघर्ष समिति की बैठक प्रतिदिन आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रमों की घोषणा भी की जाएगी। आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए संगठन के विस्तार पर भी सहमति बनी।
बैठक में अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव ने बच्चों की अब तक सुरक्षित वापसी न होने पर गहरी चिंता जताई। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनआंदोलन की घोषणा के बाद ही प्रशासन ने कार्रवाई में तेजी दिखाई, जबकि यह तत्परता पहले से दिखाई जानी चाहिए थी।
इस मौके पर कैलाश यादव ने घटना को अत्यंत दुखद और मानवीय संवेदना से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षित घर वापसी तक किसी भी स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने बड़े आंदोलन से पहले मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को जरूरी बताया।
बैठक में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ रांची के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग करते हुए आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar