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नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आंदोलन बताते हुए आज कहा कि यह महोत्सव अब श्रीमद्भगवत् गीता के शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक बंधुत्व के संदेश को पूरी मानवता तक पहुंचा रहा है।
मुख्यमंत्री सैनी ने 'अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: गीता की विश्व यात्रा' शीर्षक से बुधवार को साझा किये अपने एक लेख में इस महोत्सव को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता के शाश्वत उपदेश के समान निरुपित करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के ब्रह्म सरोवर पर आयोजित यह महोत्सव अब क्षेत्रीय आयोजन से आगे बढ़कर हर महाद्वीप में गीता के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने कहा कि पांच हजार वर्ष पूर्व महाभारत युद्ध के मैदान में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का उपदेश आज विश्व के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक ग्रंथों में शुमार है। इसी तरह, 1989 में हरियाणा सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से शुरू किया गया गीता महोत्सव 2016 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। अब तक यह आयोजन ब्रिटेन, मॉरीशस, कनाडा, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया सहित 30 से अधिक देशों में हो चुका है। यूरोप, मध्य एशिया, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका और मध्य-पूर्व के देश भी इसमें शामिल हो रहे हैं। सऊदी अरब में आयोजित महोत्सव को उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
लेख में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से 2025 में महोत्सव को और व्यापक बनाया गया। भारतीय मिशनों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहभागिता बढ़ी, जिससे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊंचाई मिली। गीता को कनाडा की संसद (ओटावा), लंदन के हाउस ऑफ कॉमंस और अन्य प्रमुख सरकारी संस्थानों में रखा गया। कनाडा के ब्रैम्पटन और यूके के लेस्टर शहरों में 'श्रीमद्भगवद् गीता पार्क' नाम से उद्यान स्थापित किए गए, जबकि कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गीता पीठ बनाई गईं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नवंबर 2025 के 'मन की बात' कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की सराहना का जिक्र करते् हुए कहा कि ब्रह्म सरोवर पर आयोजित इस महोत्सव में शामिल होना उनके लिए विशेष अनुभव रहा और विश्वभर के लोग गीता से प्रेरित हो रहे हैं। पीएम ने सऊदी अरब, लात्विया सहित अन्य देशों में हुए आयोजनों का जिक्र करते हुए गीता के शांति और करुणा के संदेश की वैश्विक गूंज को बताया था।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जर्मन दार्शनिक मैक्स मूलर और आर्थर शोपेनहावर गीता से गहरे प्रभावित थे। शोपेनहावर ने इसे विश्व की सबसे गहन रचना बताते हुए वैराग्य और मुक्ति का मार्ग माना। महोत्सव की प्रमुख गतिविधियों में आरती-दीपोत्सव, गीता यज्ञ, वैश्विक सामूहिक पाठ (2025 में 1 लाख से अधिक प्रतिभागी, जिसमें 21 हजार विद्यार्थी शामिल), सद्भावना यात्रा, पुस्तक-शिल्प-खाद्य मेले, रन फॉर गीता और क्विज शामिल हैं। सर्वधर्म संत सम्मेलन में विभिन्न धर्मों के विद्वान गीता को मानवता की साझा धरोहर बताते हैं। इस वर्ष 25 विदेशी विद्वानों ने भाग लिया।
सैनी ने गीता को सार्वभौमिक ग्रंथ बताते हुए कहा कि यह किसी एक धर्म से बंधी नहीं, बल्कि कर्मयोग, भक्ति और ज्ञान के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाती है। निष्काम कर्म और कर्तव्य की शिक्षा आज के अशांत विश्व में प्रासंगिक है। हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री की सोच को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर