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पानीपत, 07 जनवरी (हि.स.)। पानीपत में एक महिला उद्यमी की बंद पड़ी फर्म का डेटा हैक कर कुछ लोगों ने करीब 8.01 करोड़ रुपए का फर्जी टर्नओवर दिखाकर, फार्म के नाम से 700 से अधिक फर्जी बिल भी काट दिए। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर हिमांशु, हर्ष, अर्पित समेत 5 लोगों के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में मामला दर्ज किया है।
पानीपत की शुगर मिल कॉलोनी में रहने वाली सुशीला देवी ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि वह 'राज एंड संस' नाम से प्लास्टिक रीसाइकिलिंग की फर्म चलाती थी। घाटे के कारण 2023 में उसकी फर्म बंद हो गई थी। मार्च 2025 में, बेटे के दोस्त सचिन के माध्यम से उनकी मुलाकात हिंमाशु शर्मा से हुई, जिसने खुद को सीए का दोस्त बताकर फर्म की देखरेख और शून्य रिटर्न भरने की जिम्मेदारी ली।
सुशीला के अनुसार, आरोपियों ने बड़ी चालाकी से उसके जीएसटी पोर्टल को हैक कर लिया और जीएसटी पासवर्ड का दुरुपयोग कर क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल किया तथा उसके मोबाइल और ईमेल को बदलकर अपना नंबर अपडेट कर दिया, ताकि सारे ओटीपी और अलर्ट्स आरोपियों के पास जाएं। जब पीड़िता ने नवंबर 2025 में पोर्टल खोलने की कोशिश की, तो पता चला कि उनकी फर्म से सीमेंट और सेनेटरी के करोड़ों के बिल काटे गए हैं, जबकि उनका काम प्लास्टिक का था। मई से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 27-28 कंस्ट्रक्शन कंपनियों को 700 फर्जी बिल जारी किए गए।
सुशीला देवी ने बताया कि इन फर्जी बिलों का इस्तेमाल पीडब्ल्यूडी नगर निगम पानीपत, एचएसवीपी और सिंचाई विभाग जैसे सरकारी महकमों में पेमेंट लेने के लिए किया गया है। थाना मॉडल टाउन प्रभारी जगमेंद्र ने बताया कि सुशीला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इन 27 कंपनियों के सरकारी राजस्व को चूना लगाने में विभागों के अधिकारियों की भी मिलीभगत की जांच में लग चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा