दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: तुर्कमान गेट के पास से अवैध कब्जे काे हटाया
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने बुधवार तड़के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास, रामलीला मैदान के निकट अतिक्रमित क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। ध्वस्तीकरण कार्य
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: तुर्कमान गेट के पास से अवैध कब्जे काे हटाया


नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने बुधवार तड़के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास, रामलीला मैदान के निकट अतिक्रमित क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।

ध्वस्तीकरण कार्यक्रम के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा व्यापक कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए गए। पूरे इलाके को नौ जोन में विभाजित किया गया था। जिनमें से प्रत्येक की निगरानी अतिरिक्त उपायुक्त पुलिस रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई थी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।

संयुक्त आयुक्त पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि अभियान से पहले अमन कमेटी के सदस्यों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ कई समन्वय बैठकें आयोजित की गईं, ताकि शांति बनाए रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। एहतियातन सभी आवश्यक निवारक और विश्वास बहाली के कदम उठाए गए थे।

ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को हल्के बल प्रयोग से तुरंत नियंत्रित कर लिया। न्यूनतम और संतुलित बल प्रयोग करते हुए हालात पर काबू पाया गया, जिससे किसी प्रकार की बड़ी घटना नहीं हुई और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ न्यायालय के आदेशों को पूरी संवेदनशीलता, पेशेवर तरीके और कानूनी प्रक्रिया के तहत लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम ने फैज ए इलाही मस्जिद के पास करीब 38 हजार वर्ग फुट जमीन पर अवैध कब्जे का नोटिस जारी किया था, जिस पर पार्किंग और एक निजी अस्पताल सहित अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। यहीं पर एक कब्रिस्तान भी बना हुआ है। एमसीडी के नोटिस को मस्जिद कमेटी ने न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन वह जमीन पर मालिकाना हक से संबंधित कागजात पेश नहीं कर सके थे, न ही वह वक्फ की संपत्ति ही साबित कर सके। ऐसे में न्यायालय के आदेश के बाद अतिक्रमण की कार्रवाई की गई और जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी