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कोलकाता, 07 जनवरी (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शांतिपुर में काली और सरस्वती प्रतिमाओं की तोड़फोड़ की घटना को “सनातन धर्म पर एक और क्रूर हमला” करार दिया।
अपने पोस्ट में अमित मालवीय ने दावा किया कि नदिया जिले के शांतिपुर स्थित मातलगढ़ के पास लोकनाथ मंदिर के सामने, कुम्हार जयंत दास की कार्यशाला के बाहर रखी गई करीब 50–60 काली और सरस्वती प्रतिमाओं को असामाजिक तत्वों ने बर्बरता से क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि ये प्रतिमाएं पूजा के लिए तैयार की गई थीं और सुबह के समय उपद्रवियों ने उन्हें तोड़ दिया, जो न केवल हिंदू आस्था पर हमला है, बल्कि कारीगरों की आजीविका पर भी सीधा प्रहार है।
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस शासित बंगाल में “हिंदू-विरोधी हिंसा” की बढ़ती घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने सरशुना में मां काली की प्रतिमा का सिर काटे जाने, मंदिरबाजार में जगद्धात्री प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने और अब शांतिपुर में सरस्वती प्रतिमाओं को तोड़े जाने की घटनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके शासन में कट्टरपंथी तत्वों को संरक्षण मिल रहा है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। अमित मालवीय ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है और प्रतिमाओं की तोड़फोड़ हो रही है, जिसे कथित तौर पर “वोट बैंक की राजनीति” से जोड़ा जा रहा है।
पोस्ट के अंत में अमित मालवीय ने कहा कि बंगाल के हिंदू अब जाग चुके हैं और आक्रोशित हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 में न्याय मिलेगा, सनातन धर्म मजबूत होकर उभरेगा और तृणमूल कांग्रेस की सत्ता का अंत तय है।
बहरहाल, अमित मालवीय के इस पोस्ट पर खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय