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कोलकाता, 07 जनवरी (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जनजातीय विरोधी रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) द्वारा आयोजित एक जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को झाड़ग्राम में जबरन रोक दिया गया।
अमित मालवीय के अनुसार, ईजेडसीसी की ओर से “पौष परब” नामक जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सात और आठ जनवरी 2026 को झाड़ग्राम के हिंदू मिशन मठ में सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम के आयोजन से पहले तय प्रक्रिया के तहत झाड़ग्राम के पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और बीडीओ से अनुमति मांगी गई थी। इसके लिए तीन दिसंबर 2025 को पत्र भेजे गए थे, जिनकी प्राप्ति की पुष्टि भी हो चुकी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सभी आवश्यक अनुमतियां होने के बावजूद, जब लगभग दो हजार 500 जनजातीय कलाकार कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे, तब झाड़ग्राम थाने के प्रभारी (आईसी) पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यह कहकर कार्यक्रम को रोक दिया कि “ऊपरी स्तर” से निर्देश आए हैं।
अमित मालवीय ने इस कार्रवाई को जनजातीय कलाकारों को उनके मंच से वंचित करने और केंद्र सरकार को जमीनी स्तर तक पहुंचने से रोकने की साजिश बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि वह “ऊपरी स्तर” कौन है, जिसके निर्देश पर कार्यक्रम रोका गया।
पोस्ट के अंत में अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की गृह मंत्री ममता बनर्जी से इस कथित जनजातीय विरोधी कार्रवाई पर सामने आकर जवाब देने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय