अवैध घुसपैठियों की संख्या स्पष्ट करे चुनाव आयोग : अभिषेक बनर्जी
कोलकाता, 07 जनवरी (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए
Abhishek Banerjee TMC


कोलकाता, 07 जनवरी (हि.स.)।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए 58.20 लाख मतदाताओं में अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की वास्तविक संख्या क्या है, यह चुनाव आयोग को सार्वजनिक करना चाहिए।

दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में चुनावी तौर पर आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसी कारण विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर चुनाव आयोग के जरिए राज्य के आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम पहले ही मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं, उनमें कितने लोग वास्तव में अवैध घुसपैठिए हैं, इसका जवाब देना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।

अभिषेक बनर्जी ने यह भी दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बने दबाव और डर के माहौल के कारण नवंबर से अब तक राज्य में 65 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कुछ बूथ लेवल अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और पश्चिम बंगाल के लोगों के प्रति यह गुस्सा क्यों दिखाया जा रहा है।

इस मौके पर उन्होंने बालुरघाट से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार पर भी निशाना साधा। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हाल ही में महाराष्ट्र में जिन दो प्रवासी श्रमिकों को बांग्लादेशी होने के शक में गिरफ्तार और परेशान किया गया, उनके लिए सुकांत मजूमदार ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि राजनीति का मकसद लोगों का कल्याण होना चाहिए और अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेही भी जरूरी है।

अभिषेक बनर्जी ने सुकांत मजूमदार को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करें, ताकि लोगों को पता चल सके कि उन्होंने क्या योगदान दिया है।

तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने कहा कि महाराष्ट्र में जिन दो श्रमिकों को परेशान किया गया, वे केवल इसलिए निशाने पर आए क्योंकि वे बांग्ला भाषा बोलते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुकांत मजूमदार खुद भी बांग्ला बोलने वाले हैं, तो उसी तर्क से उन्हें भी बांग्लादेशी कहा जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर