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कंपनी ने कहा, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो रहे हैं परीक्षण
वाराणसी, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में निर्माणाधीन देश की पहली अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना का निर्माण कर रही नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) इस समय रोपवे के ट्रायल रन और तकनीकी परीक्षणों में जुटी हुई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें तेज हवा के झटकों से रोपवे का एक खाली गंडोला हिलता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में गंडोला के हिलने की गति देखकर सड़क से गुजर रहा एक बाइक सवार रुक जाता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाने लगे।
एनएचएलएमएल ने मंगलवार को इस वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पूरी तरह भ्रामक है और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस वीडियो का रोपवे प्रणाली में किसी प्रकार की खराबी, असुरक्षा या तकनीकी विफलता से कोई संबंध नहीं है।
एनएचएलएमएल ने बताया कि वाराणसी रोपवे प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोड्स के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसके संचालन से पहले और दौरान कई स्तरों पर कठोर और विस्तृत सुरक्षा परीक्षण किए जा रहे हैं। वर्तमान में किया जा रहा ट्रायल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है।
कंपनी के मुताबिक, इन परीक्षणों के तहत आपातकालीन ब्रेकिंग, तेज हवा के दबाव की स्थिति, सेंसरों की सक्रियता और अन्य संभावित परिस्थितियों में रोपवे के सुरक्षित संचालन की जांच की जाती है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि किसी भी तरह की संरचनात्मक, यांत्रिक या संचालन संबंधी कमी का संकेत नहीं है, बल्कि यह यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा परीक्षण है कि रोपवे हर परिस्थिति में पूरी तरह सुरक्षित ढंग से कार्य करे। एनएचएलएमएल ने दोहराया कि रोपवे हर स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित रूप से कार्य करे और यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी