शुभेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर हमला, चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों की अनदेखी का आरोप
कोलकाता, 06 जनवरी (हि. स.)। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आदिवासी समुदायों और चाय बागान मजदूरों क
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कोलकाता, 06 जनवरी (हि. स.)। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आदिवासी समुदायों और चाय बागान मजदूरों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि राज्य के कई चाय बागानों में मजदूरों को पिछले चार से पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि भातखावा और मधु जैसे चाय बागान बंद पड़े हैं, जबकि कई अन्य बागानों की हालत बेहद खराब है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजवंशी जैसे कई आदिवासी समुदायों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, क्योंकि वे तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक समर्थन आधार नहीं हैं। उत्तर बंगाल के चाय उद्योग की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल शासन में यह उद्योग पूरी तरह तबाह हो गया है।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय श्रम मंत्री ने सिलीगुड़ी का दौरा कर हालात का जायजा लिया था, लेकिन चाय बागानों की प्रबंधन और श्रम से जुड़ी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार चाय बागान की जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करा रही है। उनका दावा है कि विधानसभा में कानून पारित कर 25 प्रतिशत चाय बागान की जमीन बेचने की अनुमति दी गई, जहां होटल, बार और शराब की दुकानें बनाई जा रही हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने 2021-22 के केंद्रीय बजट में बंद चाय बागानों के मजदूरों के कल्याण के लिए घोषित 1000 करोड़ रुपये का जिक्र करते हुए कहा कि असम में मजदूरों को इसका लाभ मिला, लेकिन पश्चिम बंगाल में नहीं।

उन्होंने घोषणा की कि 24 जनवरी से वे और उनकी पार्टी के अन्य नेता नागराकाटा, मादारीहाट और कालचीनी क्षेत्रों का दौरा करेंगे और बकाया वेतन की मांग को लेकर चाय बागान मजदूरों से संपर्क करेंगे।

शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को बनाए रखने के लिए पत्र लिखे, लेकिन चाय बागान मजदूरों के मुद्दे पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग त्रुटिरहित अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा और भारतीय जनता पार्टी चाय बागान मजदूरों के अधिकारों और कल्याण के मुद्दे पर उनके साथ खड़ी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर