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झाड़ग्राम, 06 जनवरी (हि.स.)। जिले में दिसंबर 2025 में पर्यटन का रिकॉर्ड समागम देखा गया। झाड़ग्राम जूलजिकल पार्क में सिर्फ एक माह में 10 लाख 60 हजार रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष दिसंबर 2024 के आंकड़े एक लाख 31 हजार रुपये की तुलना में चार गुना अधिक है।
पार्क अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में 48 हजार पर्यटक झाड़ग्राम आए, जबकि 2024 में इसी माह 43 हजार पर्यटक ही आए थे। झाड़ग्राम अब दक्षिण बंगाल के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो गया है। पर्वतीय इलाके, जंगल, विविध भूमिरूप और आदिवासी व्यंजन का स्वाद लेने के लिए सर्दियों में पर्यटक झाड़ग्राम की ओर खिंचे चले आते हैं।
पर्यटन के स्तर में भी काफी सुधार हुआ है। होटल, रिसॉर्ट और होम स्टे की संख्या बढ़ी है। पर्यटकों की पसंद के अनुसार आदिवासी व्यंजन भी अब होटल और रिसॉर्ट में उपलब्ध हैं। बेलपाहाड़ी में आदिवासी युवक स्टॉल लगाकर कुरकुट, शालपत्ता चिकन जैसी पारंपरिक व्यंजन बेच रहे हैं। पर्यटक इन व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं और आदिवासी हस्तकला जैसे पत्थर के बर्तन, ग्लास और ट्रे खरीद रहे हैं।
झाड़ग्राम डीएफओ उमर इमाम ने बताया कि जंगलमहल जूलजिकल पार्क दिन-ब-दिन पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है। भविष्य में और अधिक पर्यटक आकर्षित करने के लिए कुमिर और रॉयल बंगाल टाइगर को पार्क में लाने की योजना है।
वर्तमान में पार्क में 339 प्रजातियों के पशु-पक्षी और सर्प मौजूद हैं, जिनमें तेंदुआ, सियार, हाइना, नर्कभक्षी बाघ, भालू, कछुआ, फिशिंग कैट, जंगल कैट, मोर, नीलगाय, गोसप, चंद्रबोरा, पाइथन सहित विभिन्न प्रकार के सर्प शामिल हैं। इसके अलावा चीतल हिरण, सांभर और बार्किंग डियर भी देखे जा सकते हैं। पार्क को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता