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नैनीताल, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित एक वीआईपी का नाम साेशल मीडिया पर उछालने के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार व देहरादून जिले में दर्ज चार मुकदमों में से दो मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी पर राेक लगा दी है। इसके साथ काेर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिया है।
मंगलवार काे न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। काेर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व भाजपा
विधायक सुरेश राठाैर की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस संबंध में शिकायतकर्ता हरिद्वार के धर्मेंद्र कुमार व यमकेश्वर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार भाजपा के पूर्व विधायक राठाैर व अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बाहदराबाद व देहरादून के नेहरू कॉलोनी, डालनवाला में यह कहकर मुकदमा दर्ज कराया गया है कि इनके द्वारा भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यन्त गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशल मीडिया में वीडियो व ऑडियो वायरल किये हैं। जिसकी वजह से उनकी छवि धूमिल हो रही है। दर्ज मुकदमें में कहा गया है कि इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जी जाए। इन मामलाें में दर्ज एफआईआर कओ याचिकाकर्ता सुरेश राठौर ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / लता