पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सरकारी स्कूलों के लिए जारी किए सख्त दिशा निर्देश
कोलकाता, 06 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और अ
स्कूल


कोलकाता, 06 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लाए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि बोर्ड ने शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है, जिसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। दिशा-निर्देशों के तहत स्कूल शिक्षकों को निजी लाभ के लिए ट्यूशन पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।

कक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। बोर्ड के अनुसार, शिक्षकों द्वारा कक्षा में मोबाइल इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं। अब स्कूल प्रशासन को सख्ती से निगरानी करने को कहा गया है ताकि पढ़ाई बाधित न हो। किसी भी तरह की गतिविधि जो कक्षा शिक्षण में रुकावट बने, उसे अनुमति नहीं दी जाएगी।

दिशा निर्देशों में शिक्षकों के स्कूल आने और जाने का समय भी तय किया गया है। सभी शिक्षकों को सुबह 10.40 बजे प्रार्थना सभा में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। इसमें देरी को लेट माना जाएगा, जबकि 11.15 बजे के बाद स्कूल पहुंचने पर उस दिन की अनुपस्थिति दर्ज होगी।

छात्रों को भी स्कूल समय समाप्त होने से पहले, यानी 4.30 बजे से पहले स्कूल छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही प्रिंसिपल को स्कूल परिसर को तंबाकू मुक्त रखने और छात्रों में स्वास्थ्य व स्वच्छता को लेकर जागरूकता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बोर्ड ने शिक्षकों को नोडल शिक्षक की भूमिका निभाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं जैसे कन्याश्री और सबुज साथी सही तरीके से छात्रों तक पहुंच सकें।

बोर्ड का कहना है कि इन कदमों से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अनुशासन मजबूत होगा और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बेहतर होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर