हरियाणा सरकार प्रोफेसर महमूदबाद मामले में तीन माह में फैसला करे : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा सरकार को ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने को लेकर तीन महीने में फैसला करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की
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नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा सरकार को ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने को लेकर तीन महीने में फैसला करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने प्रोफेसर महमूदाबाद को भी जिम्मेदार बनने की सलाह दी।

कोर्ट ने 25 अगस्त, 2025 को महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को निरस्त कर दिया था और दूसरी एफआईआर के मामले में दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से ट्रायल कोर्ट को रोक दिया था। कोर्ट ने 16 जुलाई, 2025 को हरियाणा एसआईटी को निर्देश दिया था कि वो ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर तक ही अपना दायरा रखे। कोर्ट ने हरियाणा एसआईटी को निर्देश दिया था कि वो इस बात की पड़ताल करे कि महमूदाबाद के सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से कोई अपराध हुआ है या नहीं। कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी का महमूदाबाद के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गजट जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि वो जांच में सहयोग कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि अब महमूदाबाद को जांच के लिए बुलाने की जरुरत नहीं है। कोर्ट ने महमूदाबाद को मिली जमानत की शर्तों में ढील देते हुए उन्हें पोस्ट अपलोड करने, लेख लिखने और अपने विचारों की अभिव्यक्ति की अनुमति दे दी थी।

कोर्ट ने 21 मई, 2025 को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि प्रत्येक आदमी को अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन इस समय इस तरह की सांप्रदायिक बात लिखने की क्या जरूरत थी। देश जब चुनौतियों से जूझ रहा हो, सिविलियन पर हमला हो रहा हो, ऐसे मौके पर लोकप्रियता पाने के लिए ऐसा बयान क्यों दिया गया। खान की पोस्ट की भाषा पर सवाल उठते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि हमें यकीन है कि वह बहुत शिक्षित है। दूसरों को चोट पहुंचाए बिना बहुत सरल भाषा में अपनी बात कह सकते थे, ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे जो सरल और सम्मानजनक हों।

प्रोफेसर खान के वकील कपिल सिब्बल ने 19 मई 2025 को कहा था कि महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर पर देशभक्ति पूर्ण बयान दिया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में 18 मई, 2025 को महमूदाबाद को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। प्रोफेसर के खिलाफ हरियाणा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी