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नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रेल आम यात्रियों की जरूरतों को केंद्र में रखते हुए बुनियादी ढांचे और सेवाओं का आधुनिकीकरण कर रही है। निरंतर निवेश, परिचालन सुधार और तकनीक के उपयोग के माध्यम से रेलवे का लक्ष्य रेल यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित, आरामदायक और किफायती बनाना है।
रेलवे ने किफायती किराये पर बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है। ये कोच न केवल यात्रा सुविधा में सुधार कर रहे हैं, बल्कि वहन क्षमता को भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा रहे हैं।
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे द्वारा 4,838 नए एलएचबी जनरल और नॉन-एसी कोचों के निर्माण का प्रावधान किया गया है, जबकि 2026-27 के लिए 4,802 एलएचबी कोचों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुरक्षित और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
त्योहारी और मौसमी भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों का रिकॉर्ड संचालन
त्योहारी और मौसमी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्ष 2025 में रेलवे ने 43 हजार से अधिक विशेष ट्रेन यात्राएं संचालित कीं। इनमें महाकुंभ के लिए 17,340, होली के लिए 1,144, समर स्पेशल 12,417 और छठ पूजा के लिए 12,383 विशेष ट्रेनें शामिल रहीं। इससे भीड़ कम करने और यात्रियों को समय पर आवागमन सुविधा देने में मदद मिली।
स्टेशनों पर यात्री होल्डिंग एरिया का विकास
भीड़ प्रबंधन और बोर्डिंग से पहले यात्रियों की सुविधा के लिए देशभर के 76 प्रमुख स्टेशनों पर यात्री होल्डिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा केंद्र की तर्ज पर तैयार इन क्षेत्रों में शौचालय, टिकटिंग सुविधा, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन और आरओ पेयजल की व्यवस्था होगी। इन्हें 2026 के त्योहारों के मौसम से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
टिकटिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधार सत्यापन
रेलवे ने टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य किया है। केवल आधार सत्यापित उपयोगकर्ताओं को ही तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति दी जा रही है। तकनीकी निगरानी के जरिए अवैध बुकिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय आईआरसीटीसी खातों को निष्क्रिय या निलंबित किया गया है।
यात्री सुरक्षा पर विशेष जोर
यात्री सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में सुरक्षा मद के लिए आवंटित बजट का 84 प्रतिशत पहले ही उपयोग किया जा चुका है। ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्तमान वित्त वर्ष में सुरक्षा बजट बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कोहरे से निपटने के लिए फॉग सेफ्टी डिवाइस की संख्या भी तेजी से बढ़ाई गई है।
अमृत भारत ट्रेनों से किफायती नॉन-एसी यात्रा को बढ़ावा
पूरी तरह नॉन-एसी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से किफायती और गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025 में 13 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिससे इनकी कुल संख्या 30 हो गई है। इसके साथ ही नमो भारत रैपिड रेल सेवाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिली है।
भारतीय रेल नॉन-एसी क्षमता बढ़ाकर, विशेष ट्रेनें चलाकर, स्टेशन सुविधाओं में सुधार कर और सुरक्षा व टिकटिंग व्यवस्था को मजबूत बनाकर आम यात्रियों के लिए एक आधुनिक, समावेशी और यात्री-केन्द्रित परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार