Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत अब तक 96.53 लाख आवास बेघरों को घर दिए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने दी। उन्होंने कहा कि 122.20 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई है और 96.53 लाख आवास बन कर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ने भारत के लाखों परिवारों को उनके सपनों का घर प्रदान कर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। वर्ष 2025 में इस योजना ने आवासों की स्वीकृति और निर्माण की गति को तेज करते हुए बड़ी संख्या में लाभार्थियों को पक्का घर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि घरों के निर्माण से न केवल शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है बल्कि उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिला है। योजना ने शहरी आवासीय परिदृश्य को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी और बीते एक दशक में इसने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चाहे शहरी गरीबों को पक्का घर देना हो, प्रवासियों को किफायती किराये का आवास उपलब्ध कराना हो या मध्यम आय वर्ग के परिवारों को उनका पहला घर दिलाने में आर्थिक सहायता प्रदान करना हो, योजना ने हर स्तर पर सकारात्मक असर डाला है।
इस योजना ने झुग्गियों, कच्चे मकानों और किराये के अस्थायी घरों में रहने वाले लोगों, खासकर महिलाओं को अपना खुद का पक्का घर दिया है, जिससे नारी सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिला है। ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य को नई मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 की भी शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 1 करोड़ परिवारों को घर बनाने या खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक दोनों योजनाओं के अंतर्गत 122.20 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई है और 96.53 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं तथा लाभार्थियों को सौंपे भी जा चुके हैं।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर