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मंडी, 06 जनवरी (हि.स.)। मंडी जिला के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में जूनियर छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जांच के बाद तीन प्रशिक्षु डाक्टरों को दोषी पाया गया और उन्हें कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना 18 दिसंबर शाम की बताई जा रही है, जब एमबीबीएस तृतीय वर्ष के दो प्रशिक्षु डॉक्टरों ने छात्रावास के एक कमरे में घुसकर द्वितीय वर्ष के एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट की गई। पीड़ित छात्र शिमला का रहने वाला है, जिसने अगले ही दिन इस संबंध में कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए जूनियर छात्र के कमरे में घुसकर मारपीट की गई। हालांकि, कमेटी की जांच में यह भी संकेत मिले कि घटना से पहले आपसी कहासुनी और उकसावे की स्थिति भी बनी थी, जिसे पीड़ित पक्ष ने रैगिंग का रूप देने का प्रयास किया।
इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी साक्ष्यों और बयानों पर विचार करने के बाद कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई। जिसमें तीनों प्रशिक्षित डॉक्टरों पर निष्कासन की कार्यवाही अमल में लाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छात्रावास से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है तथा उन पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
डॉ. डीके वर्मा प्रिंसिपल एलबीएस मेडिकल कालेज ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई है। जिसमें तीन प्रशिक्षु डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से छात्रावास से एक वर्ष के लिए स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया है। इसके साथ ही इन पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है और तीन महीने के लिए शैक्षणिक कक्षाओं से भी निलंबित किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा