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रांची, 06 जनवरी (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय के छात्रों को अब डिजिटल लिटरेसी और स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण मिलेगा। इस दिशा में मंगलवार को रांची विश्वविद्यालय और निलेट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर हस्ताक्षर विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में किए गए, जिसमें कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि एमओयू के तहत रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों में निलेट के प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों में निलेट की ओर से विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विश्वविद्यालय के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से निर्धारित बेहद कम शुल्क पर छात्रों को डिजिटल लिटरेसी के साथ-साथ राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) से जुड़े स्किल ट्रेनिंग कोर्स कराए जाएंगे।
कुलपति ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), सेमिनार, गेस्ट लेक्चर, छात्रों के लिए प्लेसमेंट सपोर्ट और करियर गाइडेंस जैसी कई गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बन सकेंगे।
उन्होंने बताया कि डोरंडा कॉलेज में निलेट का एक सेंटर पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उसी मॉडल को अब अन्य कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा।
एमओयू पर रांची विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. गुरूचरण साहु और निलेट की ओर से कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रो. नितिन कुमार पुरी ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहु, सीवीएस निदेशक डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता, उपनिदेशक डॉ. स्मृति सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय सिंह, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार, डोरंडा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.के. शर्मा, आरएलएसवाई कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विष्णु चरण महतो सहित जेएन कॉलेज धुर्वा, मांडर कॉलेज और बेड़ो कॉलेज के प्राचार्य उपस्थित थे।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak