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रांची, 06 जनवरी (हि.स.)। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से शिक्षा व्यवस्था में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने तथा मातृभाषा आधारित शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बुधवार से राष्ट्रीय स्तरीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन राजधानी रांची के स्टेरशन रोड स्थित बीएनआर चाणक्य होटल में किया जाएगा।
यह जानकारी झारखंड शिक्षा परिषद की ओर से मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई। परिषद ने बताया कि कॉन्क्लेव का उदघाटन विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमारी सोनू होंगे।
कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा और साक्षरता के सचिव उमाशंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज रंजन के अलावा
एनसीईआरटी की प्रो उषा शर्मा, एलएलएफ के डॉ धीर झिंगरन, यूनिसेफ की पारुल शर्मा, पैनल चर्चा में प्रो रामानुजन मेघनाथन, अनुभव राजेश और डॉ महेंद्र मिश्र शामिल होंगे।
वहीं कार्यक्रम में शामिल होनेवाले शिक्षक वक्ताओं में रमेनी मुंडा, दिलीप कुमार किस्कू और दमयंती बिरुआ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षक एवं कई शिक्षाविद शामिल होंगे।
इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप देशभर में मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा को सुदृढ़ करना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच साझा समझ और रणनीति विकसित करना है।
कॉन्क्लेव में झारखंड, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, त्रिपुरा, हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के शिक्षाविदों की ओर से बहुभाषी शिक्षा के अनुभव, नवाचार और सीख को साझा किया जाएगा।
इस राष्ट्रीय स्तरीय कॉन्क्लेव के जरिये देश में समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और बाल-केंद्रित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच सांझा किया जाएगा, जिससे न केवल बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak