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रांची, 06 जनवरी (हि.स.)। झारखंड में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को नेपाल हाउस स्थित विभागीय सभागार में सभी जिलों के सिविल सर्जन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अपर मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान कम राशि खर्च करने वाले पांच जिलों को चिन्हित करते हुए उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना, 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग, पीएम फंड, टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कार्यक्रम, दवा उपलब्धता और आउटसोर्स के माध्यम से बहाली जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना के तहत लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने 15वें वित्त आयोग की राशि के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर देते हुए सात दिनों के भीतर कम से कम 50 प्रतिशत राशि खर्च सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले जिलों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव स्क्रीनिंग बढ़ाने, हैंड होल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद सुनिश्चित करने तथा एनएचएम के अंतर्गत रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली के निर्देश दिए। वहीं, ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक्स योजना के तहत दो दिनों के भीतर पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करने और जिलावार दवा खरीद पूरी करने का आदेश दिया गया।
बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन, एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं सिद्धार्थ सान्याल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar