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--कृषि क्षेत्र की क्षमता एवं कौशल विकास हेतु 383 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी
लखनऊ, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि क्षेत्र की क्षमता, कौशल विकास और उत्पादन वृद्धि की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कुल 383 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि का उपयोग मुख्य रूप से कृषि परियोजनाओं के अनुरक्षण और कंप्यूटर हार्डवेयर की खरीद के लिए किया जाएगा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में आधुनिकता और कुशलता आएगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने किसानों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाने के लिए एक कड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली संस्थाओं द्वारा अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों (टैगिंग उत्पादों) की जबरन बिक्री पर रोक लगा दी गई है। शासन ने उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में अंकित समस्त गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री को 01 जनवरी से उत्तर प्रदेश में पूर्णतया प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है। अब उर्वरक कम्पनियों को केवल अनुदानित उर्वरकों की बिक्री की अनुमति होगी, जिससे किसानों को केवल वही खाद खरीदनी होगी जिसकी उन्हें वास्तव में आवश्यकता है।
--राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 1098.02 लाख रुपये मंजूरराष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवीन अवस्थापनाओं और परिसंपत्तियों के विकास को गति देने के लिए सरकार ने 1098.02 लाख रुपये (दस करोड़ अट्ठानवे लाख दो हजार मात्र) की राशि स्वीकृत की है। इस बजट के माध्यम से प्रदेश में कृषि विभाग की विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर कृषि सम्बंधी आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा। यह कदम राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक संसाधनों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन