मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले दुष्कर्मी को मृत्यु दण्ड
बांदा, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में थाना कालिंजर क्षेत्र में 06 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म के मामले में बांदा पुलिस और अभियोजन की त्वरित व प्रभावी कार्यवाही का परिणाम सामने आया है। घटना के मात्र 55 दिनों के भीत
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बांदा, 06 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में थाना कालिंजर क्षेत्र में 06 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म के मामले में बांदा पुलिस और अभियोजन की त्वरित व प्रभावी कार्यवाही का परिणाम सामने आया है। घटना के मात्र 55 दिनों के भीतर न्यायालय ने आरोपी को मृत्युदण्ड एवं 25,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। यह फैसला त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों के सशक्त संकलन और प्रभावी अभियोजन का उदाहरण माना जा रहा है।

घटना 25 जुलाई 2025 की है। थाना कालिंजर क्षेत्र निवासी पूर्व परिचित अभियुक्त अमित पुत्र बाबू निवासी महोरछा, थाना कालिंजर, जनपद बांदा ने 06 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और गंभीर अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित बच्ची के पिता की तहरीर पर थाना कालिंजर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु थाना कालिंजर व एसओजी सहित कई टीमों का गठन किया गया। 26 जुलाई को ग्राम गुढ़ाकला, गुड़ा मंदिर रोड पुलिया के पास अभियुक्त की घेराबंदी की गई। इस दौरान अभियुक्त ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के उपरांत जेल भेज दिया गया।

मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना कालिंजर दीपेन्द्र कुमार सिंह द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता, तत्परता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ की गई। विवेचना के दौरान चिकित्सकीय, फॉरेंसिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन कर मात्र 20 दिनों के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।

न्यायालय में डीजीसी (क्रिमिनल) विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। वहीं कोर्ट मोहर्रिर जितेन्द्र कुमार एवं पैरोकार चन्दन सिंह के सतत प्रयासों से आरोप गठन के मात्र 55 दिनों के भीतर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए मृत्युदण्ड एवं 25,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने घटना की जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह