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नूंह, 06 जनवरी (हि.स.)। पुन्हाना के गोधोला गांव के पास संचालित पनीर व पेठा फैक्ट्री से निकल रहा दूषित पानी किसानों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी पास से गुजर रही कोट ड्रेन में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के खेतों की फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं। हालात यह हैं कि किसान ड्रेन के पानी से सिंचाई तक नहीं कर पा रहे और मजबूरी में जमीनी पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में सिंचाई विभाग व स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि कार्रवाई केवल नोटिस और फाइलों तक सीमित नजर आ रही है।
स्थानीय किसान इरशाद, जाहिद, कासम, इसाक, षौकत आदि का आरोप है कि पनीर और पेठा फैक्ट्री से निकलने वाला पानी रासायनिक तत्वों से युक्त है। यह पानी ड्रेन में पहुंचते ही बदबू फैलाता है और उसका रंग भी बदल जाता है। पहले इसी ड्रेन के पानी से आसपास के खेतों में सिंचाई की जाती थी, लेकिन अब किसान उस पानी को खेतों में डालने से डर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि पहले जिन खेतों में अच्छी पैदावार होती थी, वहां अब फसल पीली पड़ने लगी है और उत्पादन भी घट रहा है। ड्रेन का पानी जब खेतों में जाता है तो फसल की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। कुछ जगहों पर सब्जी और चारे की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है तो कभी आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।
ड्रेन का पानी उपयोग लायक न रहने के कारण किसान अब बोरवेल और ट्यूबवेल से सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल और बिजली पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भारी पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में खेती करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता जाहिद हुसैन ने बताया कि फैक्ट्रियों से ड्रेन में डाले जा रहे रसायन युक्त दूषित पानी से आस पास का माहौल दुर्गंधमय बना हुआ है। सिंचाई विभाग द्वारा दो बार फैक्ट्रियों के पाइप को उखाड़ कर पानी रोकने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा मुकदमा दर्ज कराया गया। विभाग द्वारा फैक्ट्रियों को सील करने का अधिकारी प्रदूषण विभाग व स्वास्थ्य विभाग के पास है। विभाग द्वारा इन फैक्ट्रियों पर दोबारा से कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया