अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती
--राज्य सरकार से मांगी जानकारी, सुनवाई 12 जनवरी को प्रयागराज, 06 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहायता प्राप्त अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों की भर्ती 2021 के तहत निदेशक बेसिक शिक्षा के द्वारा अपनाई जा रही नि
इलाहाबाद हाईकाेर्ट


--राज्य सरकार से मांगी जानकारी, सुनवाई 12 जनवरी को

प्रयागराज, 06 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहायता प्राप्त अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों की भर्ती 2021 के तहत निदेशक बेसिक शिक्षा के द्वारा अपनाई जा रही नियुक्ति प्रक्रिया की चुनौती याचिका पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है और अगली सुनवाई की तिथि 12 जनवरी नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने दिया है।

कृपा शंकर सहित 50 सफल अभ्यर्थियों ने 01 मार्च .2021 को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए विज्ञापन, शिक्षा निदेशक बेसिक के 03नवम्बर 25 के सर्कुलर के पैराग्राफ 11 घ के परिशिष्ट 4 और काउंसलिंग के लिए जारी की गयी अनंतिम सूची को भी चुनौती दी है। याचीगणाें का आरोप है कि अनुसूचित जाति को 21 फीसदी, अनुसूचित जनजाति को 2 फीसदी, ओ बी सी को 27 फीसदी और 10 फीसदी ई डब्ल्यू एस को वर्टिकल आरक्षण और दिव्यांगों, महिलाओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को होरिजेंटल आरक्षण नहीं दिया गया है, जिससे वे नियुक्ति पाने से वंचित हो रहे हैं।

याचिका में कहा गया कि विज्ञापन में रिक्त पदों की संख्या और आरक्षित पदों का कोई विवरण नहीं दिया गया है जो आरक्षण नीति का खुला उल्लंघन है। 30 दिसम्बर 2025 को प्रदेश सरकार ने समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को सर्कुलर जारी कर आदेश दिया है कि राज्याधीन सेवा में अनुमन्य ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्थाओं व मानक के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। इसके बावजूद निदेशक बेसिक शिक्षा ने सरकारी सहायता प्राप्त अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के विभिन्न विषयों के लिए काउंसिलिंग और अभिलेख परीक्षण की अनंतिम सूची जारी कर दिया और अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 रखी है और 2 जनवरी तक सभी बेसिक शिक्षा अधिकारीयों से सूची मांगी गई है। इसके बाद 30 जनवरी से नियुक्ति पत्र जारी करने की घोषणा कर दी है।

याचीगण के अधिवक्ताओं का कहना है कि पिछली सुनवाई 16 दिसम्बर 2025 को हुईं थी, जिसमें सरकार से जानकारी मांगी गई थी। किंतु सरकार की तरफ से अतिरिक्त समय की मांग की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे