एआई 21वीं सदी में मानवता के लिए नई भाषा लिख रहा है : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 21वीं सदी में मानवता के लिए एक नया कोड और नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने कहा कि एआई के विवेकपूर्ण उपयोग से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और प्रभावी बन रह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 21वीं सदी में मानवता के लिए एक नया कोड और नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने कहा कि एआई के विवेकपूर्ण उपयोग से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और प्रभावी बन रही है तथा यह विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक बदलाव ला रहा है और आमजन के जीवन को बेहतर बना रहा है। उन्होंने उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई के उभरते क्षेत्र में भागीदारी निभाने के लिए राजस्थान को अपनी कार्यस्थली बनाएं।

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री का मानना है कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति, समृद्धि और सुशासन का आधार है। एआई देश की नीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना को अधिक सुदृढ़ बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तकनीक और स्टार्टअप के मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की एआई-एमएल पॉलिसी से एआई सिस्टम अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनेंगे। इससे सार्वजनिक सेवा वितरण अधिक त्वरित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा तथा प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी तथा स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग, स्टार्टअप और शोध संस्थानों को भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में 6 करोड़ 50 लाख से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं और प्रतिमाह औसतन 81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं। ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन एंटी वायरस के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एआई, एवीजीसी-एक्सआर, डेटा सेंटर नीति 2025, स्टार्टअप और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों के माध्यम से प्रदेश में रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026, आई-स्टार्ट एलएमएस, राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल और राजस्थान एआई पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी हिमांशु गुप्ता, सीईओ एआई इंडिया अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, निवेशक, आईटी प्रोफेशनल्स और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर