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भुवनेश्वर, 06 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) का उद्देश्य ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को सशक्त बनाने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने इसके लाभों की जानकारी दी तथा विपक्ष की आलोचनाओं को सिरे से खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए शासनकाल के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गंभीर खामियां और जवाबदेही की कमी रही, जिसके चलते व्यापक भ्रष्टाचार हुआ और वास्तविक लाभार्थियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं के कारण कई राज्यों में यह योजना प्रभावी साबित नहीं हो सकी। उन्होंने विपक्ष पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि नए कानून में संरचनात्मक कमियों को दूर कर आधुनिक तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार समाप्त करने के प्रावधान किए गए हैं।
माझी ने बताया कि इसमें गारंटीकृत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका परिसंपत्तियों का सृजन और जलवायु सहनशीलता—पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्जी प्रविष्टियों और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए फसल मौसम के दौरान कार्य गतिविधियों को निलंबित रखा जाएगा। साथ ही, यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो लाभार्थियों को भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो