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आसनसोल, 06 जनवरी (हि. स.)। चुरुलिया स्थित नजरुल युवा आवास में नजरुल संग्रहशाला से लाकर काजी नज़रुल इस्लाम से जुड़ी सामग्रियों को रखा जा रहा है। इस बारे में काजी नज़रुल इस्लाम परिवार के सदस्य सोनाली काजी ने बताया 28 दिसम्बर को नजरुल संग्रहशाला से भी काजी नज़रुल इस्लाम के कुछ सामग्रियों को लाकर युवा आवास में रखा गया था। सीसीटीवी कैमरे और पुलिस निगरानी का भी इंतजाम किया गया था और मंगलवार यहां पर फिर से चुरुलिया संग्राहलय से नज़रुल इस्लाम से जुड़ी सामग्रियों को लाकर यहां पर रखा जा रहा है। उन्होंने हमेशा चाहा था कि काजी नज़रुल इस्लाम की जन्म भूमि को शांति निकेतन के तर्ज पर बनाया जाए और अब ऐसा लग रहा है कि उसी दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज इस कार्य के दौरान उनका विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ उदय बनर्जी भी उपस्थित है। उन्होंने डॉ उदय बनर्जी को धन्यवाद दिया। जिनके प्रयासों की वजह से यह संभव हुआ। काजी नजरूल विश्वविद्यालय बनने के बाद से अब वह ऐसा लगने लगा है कि यहां पर काजी नज़रुल इस्लाम की धरोहर को वह सम्मान दिया जा सकेगा। जिसके वह हकदार है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि काजी नज़रुल संग्रहालय की सामग्रियों को गांव से बाहर ले जाने को लेकर स्थानीय लोगों तथा काजी नज़रुल विश्वविद्यालय और पर्यटन विभाग के बीच कई महीनो से विवाद चल रहा था, लेकिन काजी नज़रुल यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त उप कुलपति उदय बनर्जी ने कई परिवार के साथ मिलकर गांव वालों को समझाया और संग्रहालय की चीजों को यूथ हॉस्टल में सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया उसके बाद इन चीजों को वहां से हटाया गया पर्यटन विभाग की ओर से चुरुलिया में स्थित काजी नज़रुल के आवास तथा उनकी पत्नी की समाधि आदि का जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। जिनके लिए संग्रहालय से वस्तुओं को स्थानांतरित करना आवश्यक था लेकिन गांव के लोग नहीं जा रहे थे। जिसकी वजह से उन चीजों को बाहर ले जाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा