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जोधपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर एवं राष्ट्रीय असंचारी रोग कार्यान्वयन अनुसंधान संस्थान (नीरएनसीडी) जोधपुर के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह एमओयू डॉ. एसआर राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल एवं आईसीएमआर-नीरएनसीडी के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) पंकज भारद्वाज की उपस्थिति में किया गया। यह एमओयू आगामी पांच वर्षों के लिए किया गया है, जिसके अंतर्गत दोनों संस्थान मेडिकल हेल्थ रिसर्च, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में संयुक्त रूप से अनुसंधान, प्रशिक्षण, छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान तथा संयुक्त परियोजनाओं पर कार्य करेंगे।
इस सहयोग से गैर-संचारी रोगों, पोषण एवं आयुष आधारित उपचार पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक सुविधाओं एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त होगा।यह एमओयू स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को सशक्त बनाने तथा समाज के हित में वैज्ञानिक शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुल सचिव अखिलेश कुमार पीपल, प्राचार्य पीजीआईए प्रोफेसर चंदन सिंह, प्रसूति तंत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए निलिमा, स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश चंद्र शर्मा, स्नातकोत्तर बालरोग विभाग के बिभाग अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश कुमार सिंघल, डीटीएल लैब के निदेशक डॉ. मनीषा गोयल, डॉ. रविप्रताप, आईसीएमआर-नीरएनसीडी की ओर से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पीके आनंद, डॉ. सुरेश यादव एवं डॉ. जनेश कुमार गौतम उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश