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ईटानगर, 6 दिसंबर(हि,स)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू
ने केंद्र सरकार के विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) - (जी-राम-जी) अधिनियम -2025 का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों की आजीविका को मजबूत
करने और किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक
महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के इस कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नया
कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के
स्थान पर आया है और इसमें प्रतिवर्ष सौ की बजाय 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ग्रामीण रोजगार वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बेहतर योजना और
कार्यान्वयन तंत्र भी प्रदान करता है।
खांडू ने कहा कि यह अधिनियम प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत करके लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक कमियों को दूर करेगा, जिससे जमीनी स्तर पर बेहतर स्टाफिंग, प्रशिक्षण, पारिश्रमिक और तकनीकी क्षमता में वृद्धि संभव हो सकेगी।
उन्होंने कहा, “इससे जवाबदेही मजबूत होगी और ग्राम स्तर पर अधिक प्रभावी और
सुसंगत कार्यक्रम वितरण सुनिश्चित होगा।”
उन्होंने कहा कि यह कानून जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आजीविका में सुधार, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और रोजगार सृजन पर विशेष
जोर देती है, और रोजगार सृजन को सतत ग्रामीण विकास लक्ष्यों के साथ
जोड़ती है।
यह योजना कौशल विकास, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर गांवों में
सुनिश्चित रोजगार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। यह स्थानीय संसाधनों के उपयोग, स्वयं सहायता समूहों के समर्थन और कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों के विकास पर जोर देती है। यहयोजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और
सीमांत किसानों को सशक्त बनाना, पलायन को कम करना, घरेलू आय बढ़ाना
और एक मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान देना है, जो विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी