फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से ठगी करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार
भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के थाना देहात पुलिस नर्मदापुरम ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्तियों से ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस न
फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से ठगी करने वाले दो आरोपित गिरफ्तार


भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के थाना देहात पुलिस नर्मदापुरम ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्तियों से ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सोमवार को पुलिस ने बताया कि 14 दिसंबर 2025 को अज्ञात आरोपियों द्वारा फरियादी, निवासी नर्मदापुरम से संपर्क कर स्वयं को परिचित बताते हुए बीमारी ठीक करने की गारंटी दी गई थी। आरोपियों ने कथित डॉक्टर का मोबाइल नंबर देकर संपर्क करवाया। फोन पर बातचीत के दौरान घर आकर जांच व इलाज करने का आश्वासन दिया गया। अगले दिन आरोपी स्वयं को डॉ. बताते हुए एक साथी के साथ फरियादी के घर पहुंचे, बीमारी की जांच कर “पेटेंट फार्मूला” की महंगी दवा से पूर्ण आराम होने का झांसा दिया तथा मोबाइल पर क्यूआर कोड दिखाकर 1 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली। इसके बाद “दवा गाड़ी में रखी है” कहकर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना देहात नर्मदापुरम में अपराध बीएनएस के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन तथा एसडीओपी नर्मदापुरम जितेंद्र कुमार पाठक के मार्गदर्शन में थाना देहात/कोतवाली पुलिस की टीम गठित की गई।

टीम ने विवेचना के दौरान आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, सीसीटीवी फुटेज एवं वाहन के आधार पर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में पाया गया कि ठगी की राशि राजस्थान में एटीएम के माध्यम से निकाली गई है।

सीसीटीवी फुटेज एवं हुलिये के आधार पर पुलिस टीम ने साधारण वेशभूषा में भोपाल के आसपास एवं राजस्थान के घुम्मकड़ डेरों के क्षेत्रों में तलाश की। इस दौरान घटना में प्रयुक्त वाहन के साथ संदेही दो व्यक्तियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में 50 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार व्यक्तियों से संपर्क कर स्वयं को परिचित बताते हैं, फिर तथाकथित डॉक्टर से मोबाइल पर बात कराकर इलाज का भरोसा दिलाते हैं।

“खास फार्मूला” व महंगी दवा का झांसा देकर क्यूआर कोड से राशि ट्रांसफर करवा कर फरार हो जाते हैं। घटना के बाद मोबाइल बंद कर सिम एवं मोबाइल फेंक देते थे। अलग-अलग वारदातों में नए सिम व मोबाइल का उपयोग करते थे।

पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बीमारी ठीक करने के नाम पर दिए जा रहे प्रलोभन में न आएं। बिना सत्यापन किसी को भी ऑनलाइन या नगद राशि न दें। संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम को सूचना दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा