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नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित बजट अनुमान एवं 2026–27 के बजट अनुमानों को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को स्थायी समिति की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में स्थायी समिति के सदस्यों ने बजट से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए तथा आगामी बजट प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि बजट एक महत्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज है, जिसके माध्यम से नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा और भविष्य की आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण की पूरी प्रक्रिया सहभागी और समावेशी है, जिसमें सभी स्थायी समिति के पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से प्राप्त सुझावों को समेकित कर एक जनकेंद्रित, संतुलित और व्यवहारिक बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सत्या शर्मा ने कहा कि निगम का उद्देश्य सीमित संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अधिकतम जनहित सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बजट में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान हों, साथ ही आम नागरिक पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
बैठक के दौरान सदस्यों ने स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के सुधार, आधारभूत ढांचे के विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा वित्तीय अनुशासन जैसे विषयों पर अपने सुझाव रखे। साथ ही, निगम के राजस्व में वृद्धि हेतु विभिन्न संभावित स्रोतों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें निगम की संपत्तियों जैसे विद्यालय, सामुदायिक भवन एवं पार्कों के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इन सुझावों पर चर्चा करते हुए उन्हें बजट में शामिल किए जाने पर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सहमति व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी