छत्तीसगढ़ में सुकमा के तीन स्वास्थ्य केंद्रों को मिला राष्ट्रीय 'एनक्यूएएस' सर्टिफिकेट
रायपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मं
आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली


रायपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स प्रमाण पत्र (एनक्यूएएस) से नवाजा है।

राज्य की साय सरकार का दवा है कि यह उपलब्धि केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासन 'अंतिम व्यक्ति' तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन ने आज बताया है कि सुकमा जैसे संवेदनशील ज़िले में, जहां भौगोलिक परिस्थितियां और सुरक्षा की चुनौतियां अक्सर बाधा बनती हैं, वहां के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इन केंद्रों ने सेवा प्रावधान, मरीज के अधिकार और संक्रमण नियंत्रण जैसे 8 कड़े मानकों पर 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है।

सुकमा ज़िला प्रशासन ने इन केंद्रों में बुनियादी ढांचे और नैदानिक देखभाल को बेहतर बनाने के लिए नियद नेल्लानार के अंतर्गत विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी। जिसमें सतत मॉनिटरिंग- दुर्गम क्षेत्रों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।अस्पतालों में स्वच्छता और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई।मरीजों को न केवल उपचार मिले, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा गया।

सुकमा जिला कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि सुकमा जिले के 3 स्वास्थ्य केंद्रों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स प्रमाण पत्र मिलना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना यह दर्शाता है कि प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए विकास को गति देना है।

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स प्रमाण पत्र सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बनाया गया एक सख्त फ्रेमवर्क है। इस प्रमाणन के बाद अब इन केंद्रों को भारत सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार और रखरखाव के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में स्थानीय ग्रामीणों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा