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रायपुर 5 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में रविवार देर शाम पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद विचाराधीन कैदी सुनील महानद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले काे लेकर गाड़ा समाज के लोग आज साेमवार काे सेंट्रल जेल के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। वे लोग कल रात सुनील महानंद के जेल के भीतर फांसी लगाकर जान देने के मामले में दोषी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जेल प्रशासन ने 12 घंटे बीतने के बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है।उल्लेखनीय है कि पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद विचाराधीन बंदी सुनील महानंद ने रविवार की शाम करीब 6 बजे गोल परिसर के बैरक नंबर 5 में फांसी लगाई थी। जेल प्रशासन ने घटना की सूचना परिजनों को रात 12 बजे सूचना दी। हर सप्ताह मुलाकात करने आने वाली बहन और पत्नी ने बताया कि मृतक प्रताड़ना की शिकायत करता था। वह कपड़े, स्वेटर छीनने की भी शिकायत करता था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आत्महत्या के बाद चोरी-छिपे शव को मर्चुरी भेज दिया गया और उन्हें इसकी जानकारी देर रात दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल