नंगे पांव चलकर अकाल तख्त साहिब पहुंचे मंत्री तरुणप्रीत सौंद
चंडीगढ़, 05 जनवरी (हि.स.)। भाई जैता जी की तस्वीर को लेकर पंजाब में चल रहे विवाद के बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सौंद सोमवार को नंगे पांव दरबार साहिब पहुंचे और अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए। मंत्री सोंध ने श्री आनंदपुर साहिब में
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हाेने के लिए नंगे पांव जाते हुए


चंडीगढ़, 05 जनवरी (हि.स.)। भाई जैता जी की तस्वीर को लेकर पंजाब में चल रहे विवाद के बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सौंद सोमवार को नंगे पांव दरबार साहिब पहुंचे और अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए। मंत्री सोंध ने श्री आनंदपुर साहिब में भाई जीवन सिंह (जैता जी) की यादगार की तस्वीरों पर आपत्ति को लेकर सफाई दी।

मंत्री ने कहा कि अकाल तख्त के आदेश के मुताबिक सिख सिद्धांतों की जानकारी और पंजाबी विरासत से परिचित व्यक्ति को विभाग में नियुक्त किया जाएगा, ताकि किसी तरह की कोई लापरवाही न हो। इसके अलावा चीफ खालसा दीवान के चीफ डॉ. इंद्रबीर निज्जर और दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी अकाल तख्त पर पेश हुए।

मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना व विभाग की तरफ से स्पष्टीकरण दिया। अकाल तख्त जत्थेदार के कहे मुताबिक वह मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील करेंगे कि पंजाब सरकार के पर्यटन विभाग में ऐसा अधिकारी नियुक्त किया जाए, जिसे सिख सिद्धांतों का ज्ञान हो।

चीफ खालसा दीवान के चीफ व विधायक डॉ. इंद्रबीर निज्जर ने कहा कि चीफ खालसा दीवान एक ऐसी संस्था है, जिसका अपना संविधान है। इसमें बिल्कुल स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि संस्था के सभी सदस्य अमृतधारी होने चाहिए। यही बात हमें अकाल तख्त जत्थेदार ने भी दोबारा समझाई है और हम सभी इससे पूरी तरह सहमत हैं। यदि आज भी कोई सदस्य अमृतधारी नहीं है, तो उसे प्रेम और अपनत्व के साथ अमृत छकने के लिए प्रेरित किया जाए। किसी को भी संस्था से बाहर करने की बात नहीं है, बल्कि उसे गले लगाकर गुरु के मार्ग से जोड़ा जाए।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का प्रतिनिधिमंडल भी अकाल तख्त पहुंचा। इसमें कमेटी की ओर से भूपिंदर सिंह भुल्लर, आत्मा सिंह लुबाना (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), जैसमेन सिंह नॉनी (संयुक्त सचिव), जसप्रीत सिंह विक्की मान (सलाहकार) और हरजीत सिंह पप्पा (कार्यकारी सदस्य) स्पष्टीकरण देने पहुंचे। भूपिंदर भुल्लर ने कहा कि लिखित रूप में स्पष्टीकरण दे दिया है। लगभग यह मामला हल हो गया है। जत्थेदार साहिब जो भी आदेश देंगे, वह सिर-मत्थे स्वीकार होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा