देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट है मध्य प्रदेश : मोहन यादव
- मुख्यमंत्री ने जयपुर में निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए किया आमंत्रित, कहा- देश में सर्वाधिक निवेश पाने वाला तीसरा राज्य है मप्रभोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और अब देश का सब
मुख्यमंत्री ने राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्य प्रदेश सेशन को संबोधित किया


मध्य प्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ


- मुख्यमंत्री ने जयपुर में निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए किया आमंत्रित, कहा- देश में सर्वाधिक निवेश पाने वाला तीसरा राज्य है मप्रभोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, मध्य प्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मध्य प्रदेश अनंत अवसर और संभावनाएं लिए हुए है। मध्य प्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्य प्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्य प्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्य प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्य प्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्य प्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है।

उन्होंने कहा कि उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्य प्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्य प्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्य प्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आइडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है। दोनों राज्यों में आईटी सेक्टर के उद्योग स्थापित हों, इसके लिए हमारी सरकार राजस्थान के साथ मिलकर काम करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात दी। इससे राजस्थान के 15 और मध्य प्रदेश के 13 जिले लाभान्वित हो रहे हैं। इसी के साथ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और महाराष्ट्र के साथ ताप्ती ग्राउंड वॉटर रीचार्ज मेगा परियोजना पर भी मिलकर काम कर रहा है।

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने निवेशकों, स्टार्ट-अप और युवाओं के लिए अधिक अवसर प्रदान करने के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक विकास में डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और उद्यमिता की भूमिका पर प्रकाश डाला और म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास संबंधी विजन की सराहना की। उन्होंने सक्षम नीतियों और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

__________________

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर