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- राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट में मप्र के मुख्यमंत्री ने समिट में निवेशकों से किया वन-टू-वन संवाद
भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्य प्रदेश सेशन में निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अपने आइडिया को जमीन पर उतरिया, हमारी सरकार आपके साथ है।
उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों के सीईओ, निवेशकों तथा वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्य प्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। दुबई के टेकाम (TECOM) ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष अम्मार अल मलिक के साथ चर्चा दुबई के सफल डिजिटल क्लस्टर मॉडल से प्रेरणा लेते हुए संस्थागत सहयोग पर केंद्रित रही। विशेष रूप से प्रस्तावित भोपाल एआई नॉलेज सिटी के विकास तथा मध्य प्रदेश स्थित टेक्नोलॉजी कंपनियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के रजत अग्रवाल एवं इंसोलेशन एनर्जी लिमिटेड के विकास जैन के साथ बातचीत सर्कुलर इकोनॉमी, मेटल रीसाइक्लिंग और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में विस्तार एवं निवेश के अवसरों पर केंद्रित रही।डेटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अजय डेटा के साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), डेटा सेंटर्स और GPU-आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, KGeN के संस्थापक मनीष अग्रवाल और पर्पल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक श्रीधर मुप्पिडी के साथ विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI एवं गेमिंग-आधारित AVGC इको सिस्टम के निर्माण पर चर्चा हुई।
इनके साथ ही मुख्यमंत्री डॉण् यादव ने वन-टू-वन फाइनेंस के संस्थापक एवं CEO डॉ. रवि मोदानी के साथ फिनटेक-आधारित MSME फाइनेंसिंग के अवसर, फ्रैक्टल एनालिटिक्स के उपाध्यक्ष श्रीकांत वेलामाकन्नी के साथ एडवांस्ड एनालिटिक्स तथा AI-आधारित गवर्नेंस, शुभाशीष ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जय कृष्ण जाजू के साथ मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स तथा शहरी विकास के संभावित अवसरों पर केंद्रित रही। ये वन-टू-वन बैठकें मध्य प्रदेश को नवाचार, सतत विकास तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने मध्य प्रदेश की बेजोड़ खूबियों पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों से कहा कि देश में टियर 2 सिटी टेक्नोलॉजी सेक्टर में लीडर बनकर उभर रही है। इनमें जयपुर, इंदौर और भोपाल भी शामिल हैं। टीयर 1 सिटीज में ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याएं होती हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी नई नीतियों में उद्योग-व्यापार को सहज-सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विविधता, खानपान दृष्टि से समृद्ध है। प्रदेश में 9 हवाई अड्डे है और यहाँ से इंटरनेशनल उड़ानें उपलब्ध हैं। प्रदेश में 21 अभायरण्य, 12 नेशनल पार्क और 7 टाइगर रिजर्व और 3 यूनेस्को साइट हैं। मध्य प्रदेश टाइगर और चीता स्टेट भी है। प्रदेश में बिजली सबसे सस्ती दरों पर मिलती है।
इसके साथ ही उन्हाेंने बताया कि भोपाल में एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ भूमि पर एआई एवं नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। राज्य सरकार डेटा सेंटर स्थापित करने पर 2 रुपए प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी सब्सिडी दे रही है। हमने जीसीसी पॉलिसी 2025 के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का एक बेहतर माहौल तैयार किया है। प्रदेश में फिल्म निर्माण उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। राज्य सरकार ने सेमी कंडक्टर पॉलिसी, स्टार्ट-अप पॉलिसी लॉन्च की हैं। प्रदेश में आईटी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 34 करोड़ और सेमी कंडक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 38 करोड़ सब्सिडी देने का प्रावधान किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर