राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट में निवेशकों ने मध्य प्रदेश की उद्योग फ्रेंडली नीतियों की सराहना
भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में सोमवार को आयोजित मध्य प्रदेश सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों ने मध्य प्रदेश के निवेश अनुकूल नीतियों की जमकर तारीफ की। समिट में मध्य प्रदेश की मजबूत उद्योग शक
मुख्यमंत्री ने राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्य प्रदेश सेशन को संबोधित किया


भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में सोमवार को आयोजित मध्य प्रदेश सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों ने मध्य प्रदेश के निवेश अनुकूल नीतियों की जमकर तारीफ की। समिट में मध्य प्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्य प्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

इम्पेटस टेक्नोलॉजीज के सीईओ संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं। उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्य प्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है।

इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। इंदौर का आईटी पार्क दिन-प्रतिदिन तेज़ गति से विकसित हो रहा है। ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी समर्पित नीतियां सरकार की दूरदर्शी सोच तथा भविष्यपरक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। मध्य प्रदेश न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि इस क्षेत्र में नेतृत्व भी कर रहा है। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

यश टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक धर्मेंद्र जैन ने कहा कि वर्तमान में इंदौर में कंपनी के 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि जब तक आवश्यकता नहीं होती, सरकार हस्तक्षेप नहीं करती; लेकिन उद्योग को आवश्यकता पड़ने पर पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहती है। यहां समय पर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना और सीधा संवाद करना संभव है। सरकार द्वारा निर्मित मजबूत औद्योगिक इको सिस्टम का ही परिणाम है कि एक बार व्यवस्थित हों जाने के बाद उद्योग स्वतः गति पकड़ लेता है और निरंतर विकास करता है।

निदेशक क्लिनिसप्लाइज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की प्रेरिता बाहेती ने मध्य प्रदेश में क्लिनिसपलाइज़ के तेज़ी से विस्तार पर ज़ोर दिया, जिसमें उज्जैन के विक्रमादित्य मेडिकल डिवाइस पार्क में 100 करोड़ की मैन्युफ़ैक्चरिंग फ़ैसिलिटी शामिल है, जिससे 1,000 से ज़्यादा रोज़गार सृजित होंगे।इंदौर में भारत में अपना पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित किया गया है। उन्होंने इस फैसले का श्रेय मज़बूत और स्थिर टैलेंट की उपलब्धता, सरकार के सक्रिय समर्थन, बिज़नेस करने में आसानी और अच्छी क्वालिटी की ज़िंदगी को दिया, और लंबे समय के निवेश के लिए राज्य की प्रगतिशील और भविष्य-केंद्रित नीतियों पर भरोसा जताया।

राजस्थान के उद्योगपति रजत अग्रवाल (ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर) ने रीसाइक्लिंग को एक भविष्य-उन्मुख उद्योग के रूप में बताया जो पर्यावरणीय स्थिरता को आर्थिक विकास के साथ जोड़ता है। उन्होंने मध्य प्रदेश की रणनीतिक केंद्रीय स्थिति, लॉजिस्टिक्स का फायदा और विकसित हो रहे सरकार-उद्योग साझेदारी मॉडल पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और नीतियों के साथ, राज्य में सर्कुलर इकोनॉमी के लिए एक राष्ट्रीय और वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है।

एक्सेंचर की मैनेजिंग डायरेक्टर कार्लिना मारानी ने एडवांस्ड डिजिटल स्किल्स की वैश्विक कमी और जैसे क्षेत्रों में विशेष टैलेंट की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के टियर-2 शहर, मज़बूत टैलेंट पूल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर जीवन स्तर के साथ, भविष्य में टेक्नोलॉजी से होने वाली ग्रोथ में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में विस्तार के अवसरों को तलाशने में रुचि दिखाई।

समिट में एक विशेष एमपी पेवेलियन स्थापित किया गया जिसमे राज्य के प्रमुख स्टार्ट-अप्स एवं कंपनियों को प्रदर्शित किया गया।इस पेवेलियन में किंट्सुगी बिजनेस लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, थ्रीवे स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, कॉमन स्कूल (कॉमनफाई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड), एसए डिजिटल (ग्रोबोट्स), यंगोवेटर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, Gradyn.ai तथा ज़ांगोह सहित कई प्रदर्शक शामिल थे। प्रौद्योगिकी, शिक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और उभरते क्षेत्रों में अपने अभिनव समाधानों का प्रदर्शन किया जिससे मध्यप्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर