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नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (आआपा) के नेता अंकुश नारंग ने सोमवार को नगर निगम पर कूड़े के प्रबंधन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कूड़े के पहाड़ों को कम करने के दावों को फर्जी बताते हुए कहा कि इससे जुड़ी कंपनियां और अधिकारी मिलीभगत कर जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अंकुश नारंग ने नगर निगम मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि दिल्ली में कूड़ा संग्रहण और निपटान के लिए दो कंपनियां काम कर रही हैं - एक कूड़ा उठाने का काम करती है और दूसरी उसके निपटान का। उन्होंने दावा किया कि शहर की सड़कें कूड़े के ढेरों में तब्दील हो चुकी हैं।
गाजीपुर लैंडफिल का जिक्र करते हुए उन्होंने एक वीडियो दिखाया, जिसमें जीपीएस लोकेशन के साथ रात के समय की गतिविधियां कैद थीं। वीडियो का हवाला देते हुए नारंग ने कहा कि कूड़ा उठाने वाली कंपनी मेट्रो वेस्ट कूड़े की बजाय मलबा उठा रही है। एक हाईवा गाड़ी में मलबे का वजन कूड़े के 10 डंपरों के बराबर होता है। इससे लैंडफिल साइट पर कूड़े के पहाड़ कम करने के आंकड़े फर्जी तरीके से दिखाए जा रहे हैं। मलबा 10 गुना भारी होता है और इसका वजन करवाकर एमसीडी के पैसे से भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्टाचार में सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि निगम के अधिकारी भी शामिल हैं।
नारंग ने कहा कि निगम फर्जी आंकड़े दिखाकर कंपनियों और एजेंसियों के साथ सेटिंग कर अपना हिस्सा ले रहे हैं। रात के समय मेट्रो वेस्ट वाले गोबर भी उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री और मुख्यमंत्री कूड़े के पहाड़ हटाने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली की जनता सड़कों पर कूड़े से परेशान है। एजेंसी को कूड़ा उठाना था, लेकिन वे मलबा उठा रही हैं।
नारंग ने 'चार इंजन वाली सरकार' बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने दावा किया कि तीनों मुख्य कूड़े के पहाड़ों (गाजीपुर, भलस्वा और ओखला) पर 70 प्रतिशत से 48 प्रतिशत कम करने का दावा किया है, लेकिन यह जनता के साथ छल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी