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कोलकाता, 05 जनवरी (हि.स.)। नवनिर्मित जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के नेता और निलंबित तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड का दौरा कर प्रस्तावित मेगा राजनीतिक रैली के लिए स्थल का निरीक्षण किया। कबीर ने संकेत दिए कि यह रैली अगले महीने की शुरुआत में आयोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन से अनुमति ली जाएगी, हालांकि अभी किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
निरीक्षण के दौरान तृणमूल समर्थकों के एक समूह ने हुमायूं कबीर के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें भारतीय जनता पार्टी का एजेंट बताते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए उनकी गाड़ी को घेर लिया और मौके पर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि सत्तारूढ़ दल डर गया है। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी ताकत का जवाब प्रस्तावित रैली के जरिए देंगे। कबीर ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उनका मुख्य उद्देश्य भ्रष्ट तृणमूल सरकार को सत्ता से हटाना और राज्य में पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है।
गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की आधारशिला रखने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर से दूरी बना ली थी। अपने राजनीतिक इरादे साफ करते हुए कबीर ने लोगों से समर्थन की अपील की और इसे राज्य में जरूरी राजनीतिक बदलाव बताया।
इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नेता गनी खान चौधरी की राजनीतिक विरासत का भी जिक्र किया और कहा कि एक समय कांग्रेस की ब्रिगेड मैदान की रैलियां भारी जनसमर्थन और राजनीतिक प्रभाव का प्रतीक हुआ करती थीं। हुमायूं कबीर ने दावा किया कि उनकी प्रस्तावित रैली में करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे वह बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ मानते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर