Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

कोलकाता, 05 जनवरी (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की सभा के मंच पर जिन तीन नागरिकों को ड्राफ्ट मतदाता सूची में मृत दिखाए जाने का दावा किया गया था, उस मामले में चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी साजिश का नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर हुई अनिच्छाकृत गलती का है।
चुनाव आयोग के अनुसार, 2 जनवरी को बारुईपुर में हुई राजनीतिक सभा में अभिषेक बनर्जी ने मणिरुल इस्लाम मोल्ला, हरे कृष्ण गिरि और माया दास को मंच पर उपस्थित कराया था। आरोप लगाया गया था कि इन तीनों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मृत के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं। इस घटना के बाद आयोग ने उसी दिन जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी।
रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि काकद्वीप विधानसभा क्षेत्र की निवासी माया दास का नाम गलती से मतदाता सूची से हटा दिया गया था। संबंधित बूथ स्तर अधिकारी से यह त्रुटि हुई। वहीं, मेटियाबुरुज विधानसभा क्षेत्र के निवासी मणिरुल इस्लाम मोल्ला और हरे कृष्ण गिरि के मामलों में भी बूथ स्तर अधिकारी की गलती सामने आई है, जिसके कारण दोनों के नाम ड्राफ्ट सूची में मृत दर्शा दिए गए।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हरे कृष्ण गिरि का नाम ड्राफ्ट सूची जारी होने से पहले हटाए गए 58 लाख नामों की सूची में शामिल नहीं था, इसके बावजूद उनका नाम अंतिम ड्राफ्ट सूची में नहीं आया।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि तीनों व्यक्तियों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म छह उपलब्ध करा दिया गया है। फॉर्म भरकर जमा करने के बाद उनके नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे।--------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर