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दुमका, 05 जनवरी (हि.स.)। जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव में जमीन विवाद में हुई रंजिश ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। विवाद में बेहरमी से हुई विवाद में इलाज के दौरान ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन मियां की मौत के विरोध में आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को शिकारीपाड़ा मुख्य चौक पर रखकर दुमका-रामपुरहाट मार्ग (एनएच-114।) जाम कर दिया। घंटों चले इस बवाल के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जिससे तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हलांकि मामले में छह नामजद के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दी। रविवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा झंझट हुआ था। शिमला गांव के ही ई रिक्शा चालक सफरुद्दीन मियां ने एक पक्ष को अपने रिक्शा में बिठाकर शिकारीपाड़ा थाना ले जा रहा था इस बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने ई-रिक्शा चालक सफरुद्दीन मियां को बुरी तरह से पीट कर जख्मी कर दिया बीच बचाव में उसकी पत्नी का भी मार कर हाथ तोड़ दिया गया। उक्त घटना की सूचना मिलते ही शिकारीपाड़ा की पुलिस गांव पहुंच कर घायल दोनों दंपति को पुलिस के गाड़ी से ही शिकारीपाड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र में लाकर प्राथमिक उपचार कराया, चालक की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे दुमका रेफर कर दिया। रात को ई रिक्शा चालक सफरुद्दीन मियां की इलाज के दौरान मौत हो गई।
6 नामजद आरोपियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना के संबंध में पुलिस ने कांड संख्या 02/26 दर्ज की है। यह प्राथमिकी वादी मीना बीबी, पति स्व. हामिद मियां के बयान पर दर्ज हुई। मामले में शिमला ढाका निवासी बसीर मियां, कौवाद मियां, जलील मियां, करीम मियां, रमजान मियां और शम्सुद्दीन मियां को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनमें से बसीर मियां, कौवाद मियां दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, शिमला ढाका गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था। रविवार को एक पक्ष विवाद सुलझाने के लिए सफारुद्दीन मियां के ई-रिक्शा से थाना जा रहा था। रास्ते में दूसरे पक्ष के आरोपियों ने ई-रिक्शा रोक लिया और चालक सफारुद्दीन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए लात-घूंसों और लाठियों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चालक ने वर्धमान में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
6 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
सोमवार को जैसे ही सफारुद्दीन का शव गांव पहुंचा, कोहराम मच गया। मृतक के भगिना मोइन अंसारी ने बताया कि सफारुद्दीन परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था और उसके पीछे 6 बेटियां हैं। उनके भविष्य और भरण-पोषण की मांग को लेकर ग्रामीण मुआवजे और सभी दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी पर अड़े रहे।
थाना प्रभारी ने दी दबिश
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अमित लकड़ा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए बताया कि दो आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है और शेष चार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार