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पटना, 05 जनवरी (हि.स.)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2025 का परीक्षाफल जारी कर दिया है। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सोमवार को समिति के कार्यालय में परीक्षा परिणाम जारी किया। परिणाम जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थी चौथे चरण के शिक्षक बहाली परीक्षा में शामिल होने के योग्य हो गए हैं।
मौके पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी और असफल उम्मीदवारों को निराश न होने की सलाह देते हुए भविष्य में और बेहतर तैयारी के साथ आगे बढ़ने का मैसेज दिया। आनंद किशोर ने स्पष्ट किया कि भौतिकी के प्रश्न में जो आंसर की जारी हुआ था उसमें काफी आपत्ति प्राप्त हुई। सभी आपत्ति का निराकरण किया गया और जो गलतियां थी उसे सुधारा गया। आंसर की पर मिली सभी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए फ्रेश आंसर की तैयार हुआ और योग्य सदस्यों की कमेटी ने उसे तैयार किया। इन सब के बाद यह रिजल्ट जारी किया गया है।
आनंद किशोर ने कहा कि एसटीईटी 2025 का रिजल्ट बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bsebtest.org पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉग इन कर अपना परीक्षाफल देख सकते हैं और उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि परिणाम देखने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर अभ्यर्थी कुछ समय बाद पुनः प्रयास करें।
आनंद किशोर ने कहा कि एसटीईटी 2025 में पेपर-1 और पेपर-2 को मिलाकर कुल 4,42,214 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पेपर-1, जो कक्षा 9 और 10 के लिए आयोजित किया गया था, उसमें 2,46,415 अभ्यर्थी शामिल हुए। 16 विषयों के लिए पेपर वन आयोजित किया गया था जिसमें 1,54,145 अभ्यर्थी सफल हुए। पेपर-1 में सफलता प्रतिशत 62.56 प्रतिशत रहा। वहीं पेपर-2, कक्षा 11 और 12 के लिए, में 1,95,799 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया जिसमें 1,02,156 अभ्यर्थी सफल हुए। सफलता प्रतिशत 52.17 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट पर आधारित 150 अंक की इस परीक्षा में 2,56,301 अभ्यर्थी सफल रहे।
उल्लेखनीय है कि एसटीईटी 2025 का आयोजन 14 अक्टूबर 2025 से 16 नवंबर 2025 के बीच किया गया था। यह परीक्षा राज्य के 9 जिलों - पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मुंगेर, सहरसा, भोजपुर और पूर्णिया में स्थित 23 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 50 प्रतिशत रहा, जबकि पिछड़ा वर्ग के लिए 45.5 प्रतिशत, अति पिछड़ा वर्ग के लिए 42.5 प्रतिशत, अनुसूची जाति/जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 40 प्रतिशत रहा।'
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी