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राजगढ़,4 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिल में ब्यावरा के समीपस्थ करनवास स्थित शिव मंदिर परिसर में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग एकत्रित हुए, जहां सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रुप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत बौद्विक प्रमुख प्रमोद पंवार मौजूद रहे वहीं संत जगदीश शास्त्री और राजेश सत्यम ने भी जनसमूह को संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में समरसता, संस्कार,राष्ट्रभाव और सामाजिक दायित्वों के महत्व पर प्रकाश डाला। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रीय सहभागिता देखी गई। मुख्य वक्ता प्रमोद पंवार ने संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें स्व के प्रति जागरुकता, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य शामिल है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन सिद्वांतों को जीवन में अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है।
सम्मेलन के दौरान करनवास में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें स्वयंसेवकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शोभायात्रा के माध्यम से समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने समरसता भोज में भाग लिया और हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर सामाजिक समरसता का एक जीवंत उदाहरण पेश किया। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता के संकल्प के साथ किया गया। आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समरस, संगठित और सशक्त हिन्दू समाज के संदेश को प्रभावी ढ़ंग से प्रस्तुत किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक