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हरिद्वार, 04 जनवरी (हि.स.)। लक्सर क्षेत्र के भिक्कमपुर गांव की एक विधवा अपना घर होने के बाद भी आज दर-दर भटकने को मजबूर है। महिला ने आरोप लगाया है कि गांव के एक पड़ोसी परिवार ने उसके मकान का ताला तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया है और उसे व उसके बच्चों को घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। पीड़िता का नाम कौशल्या बताया जा रहा है।
पीड़िता कौशल्या के अनुसार उसके पति स्व. राजपाल ने वर्ष 1986 में यह मकान खरीदा था, जिसमें तीन कमरे, किचन, लेट्रिन और बाथरूम बने हुए हैं। पति के निधन के बाद वह एफसीआई में नौकरी करने पंजाब चली गई, लेकिन परिवार के साथ उसका गांव आना-जाना बना रहा।
महिला का कहना है कि उसके पुत्र की भी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद भी वह समय-समय पर अपने मकान की देखरेख के लिए गांव आती रही। आरोप है कि अलावलपुर गांव निवासी फरीद व उसके परिजन पहले भी कई बार मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर चुके थे।
कौशल्या ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को वह अपनी पुत्रवधू और बच्चों के साथ ज्वालापुर दवा लेने गई थी। लौटने पर देखा कि मकान का ताला टूटा हुआ है और आरोपियों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने उसी दिन भिक्कमपुर पुलिस चौकी में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 31 दिसंबर को एसडीएम लक्सर से भी न्याय की गुहार लगाई गई, मगर अब तक न तो कब्जा हटाया गया और न ही महिला को राहत मिल सकी। महिला का आरोप है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं, जिससे उसे और उसके बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।
इस संबंध में भिक्कमपुर पुलिस चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला