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हरिद्वार, 04 जनवरी (हि.स.)। हरिद्वार जनपद से सबसे पहले क्लाउड किचन योजना की शुरुआत की गई है। जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं गंगा रसोई के नाम से खास कैंटीन व्यवसाय शुरू करने जा रही हैं। हरिद्वार के ग्रामीण विकास इनक्यूबेटर केंद्र में महिलाओं की 6 दिवसीय ट्रेनिंग खत्म हो गई है। इस अनोखी क्लाउड किचन सर्विस के जरिए महिलाएं कम बजट में अपने घरों से किचन संचालित कर शुद्ध, साधारण और पौष्टिक भोजन परोसकर रोजगार कर सकेंगी।
दरअसल, जिले में महिला समूह को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्लाउड किचन प्रशिक्षण का समापन मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं के द्वारा अपने किचन से ही खाना तैयार कर उपभोक्ताओं को मनपसंद खाना उपलब्ध हो सकेगा।
इससे महिलाओं को रोजगार के साथ उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार प्रदेश का पहला जिला है, जहां महिलाओं को क्लाउड किचन का प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पीएनबी शताब्दी ग्राम विकास न्यास के सहयोग से दिया गया है।
जिले में कई औधोगिक क्षेत्र हैं, इसके साथ ही कई शैक्षिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिसमें काम करने वाले लोगों और अध्ययनरत छात्रों को घर जैसे और उनका मनपसंद खाना उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए सिडकुल और उद्योग विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी महिलाओं का पूर्ण सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन में कार्य कर रही महिलाओं को गंगा रसोई के नाम से पहचाना जाएगा।
लीड बैंक मैनेजर दिनेश गुप्ता ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि क्लाउड किचन शुरू करने के लिए बैंक द्वारा उन्हें ऋण उपलब्ध कराए जाने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला