वैश्विक हिंदी सम्मेलन में भाग लेने मॉरीशस जाएंगे जवाहर सिंह गंगवार
फर्रुखाबाद,4 जनवरी हि.स.। हिन्दी को वैश्विक भाषा बनाने तथा हिन्दी शिक्षण में नवाचार को समर्पित दो दिवसीय वैश्विक हिन्दी सम्मेलन मॉरीशस में हाेने वाला है। नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता और साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार इस सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करने जाएं
जानकारी देते जवाहर सिंह व अन्य


फर्रुखाबाद,4 जनवरी हि.स.। हिन्दी को वैश्विक भाषा बनाने तथा हिन्दी शिक्षण में नवाचार को समर्पित दो दिवसीय वैश्विक हिन्दी सम्मेलन मॉरीशस में हाेने वाला है। नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता और साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार इस सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करने जाएंगे। यह सम्मेलन 8 से 14 जनवरी तक विश्व हिन्दी सचिवालय फीनिक्स (मॉरीशस) में आयाेजित किया जा रहा है।

रविवार काे अपने आवास पर एक पत्रकार वार्ता में साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार ने बताया कि विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर माॅरीशस के वाकोस फीनिक्स में दो दिवसीय वैश्विक हिन्दी सम्मेलन मॉरीशस में हाेने वाला है। इस सम्मेलन में भारत का साहित्यकारों का एक दल जा रहा है। इसमें फर्रुखाबाद जनपद से वे भी शामिल होंगे। इस अवसर पर वे हिन्दी : राजभाषा से विश्व भाषा तक विषय पर अपने शोधालेख का पाठ करेंगे। उन्हाेंने बताया कि यह आयोजन मॉरीशस शिक्षा व मानव संसाधन मंत्रालय की हिन्दी प्रचारिणी सभा तथा भारतीय उच्चायोग मॉरीशस के संयुक्त तत्वावधान में विश्व हिन्दी सचिवालय में हाेगा।

अधिवक्ता जवाहर सिंह गंगवार ने बताया कि सम्मेलन में भारत के अलावा मॉरीशस, सिंगापुर, नीदरलैण्ड, आईलैण्ड, कतर, जापान आदि के अनेक हिन्दी विद्वान, शोधकर्ता व शिक्षाविद प्रतिभाग करेंगे। संगोष्ठी के दौरान हिन्दी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्वरूप के विषय पर मंथन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान शोध का वाचन, साहित्यिक संवाद, विचार विमर्श तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। गंगवार के कहा कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने से वे अभिभूत हैं। उन्हाेंने बताया कि इस कार्यक्रम में उन्हें विश्व हिन्दी सेतु सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नगर के साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार एक लम्बे अर्से से हिन्दी भाषा साहित्य की समृद्धि के लिए लेखन कर रहे हैं और नगर की प्रतिष्ठित प्रबोधिका व अभिव्यंजना आदि संस्थाओं के माध्यम से सक्रिय रह कर हिन्दी भाषा के उन्नयन में महती भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं। गंगवार का साहित्यिक सेवाओं के लिए इससे पूर्व मिस्र, दुबई, भूटान तथा इण्डोनेशिया में सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें कन्नौजी शब्द कोश बहुत चर्चित हो हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar