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खरगोन, 04 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में जिला शिक्षा अधिकारी एसके कानुड़े ने रविवार को जिले के 223 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को डिजी गवर्नमेंट (Digi Gov) अकाउंट में प्राप्त राशि का शत प्रतिशत उपयोग न करने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। प्रचार्यों को प्राप्त राशि का उपयोग शालाओं एवं शौचालयों की साफ-सफाई, मरम्मत, रंगाई-पुताई, लैब-लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास बनाने, कंप्यूटर व प्रिंटर क्रय करने एवं छात्र हित कार्य करने के लिए दी गई थी। जिला स्तर से दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना की जा रही है। प्राचार्यों को तीन दिवस में राशि शत-प्रतिशत खर्च कर सूचित करने और विलंब का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है। जिन प्रचार्यों का व्यय 70 प्रतिशत से कम है वे तत्काल खर्च करें तथा शेष शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। असंतोषजनक जवाब प्राप्त होने पर कार्यवाही जेडी भोपाल को प्रस्तावित की जाएगी। साथ ही लापरवाही पर दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाएगी।
इसी प्रकार जिला शिक्षा अधिकारी कानुड़े ने शासकीय, अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हाई सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों, संचालकों एवं प्रभारियों द्वारा छात्रवृत्ति की राशि छात्रों के सही अकाउंट में नहीं जमा होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। छात्रवृत्ति से वंचित रहे छात्रों के तीन-चार दिनों में शालावार-कक्षावार फेल एवं डुप्लीकेट अकाउंट सूची डीडीओ व संकुल प्राचार्यों से प्राप्त करें। साथ ही नए खाते खुलवाकर ईपी 3.0 पोर्टल पर अपडेट करने के बाद छात्रवृत्ति भुगतान के प्रस्ताव शालावार बीईओ के माध्यम से संस्था प्रधान स्पष्टीकरण सहित भेजें, ताकि कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव भोपाल भेजे जा सके। जानकारी निरंक हो तो निरंक में भेजी जाए। लापरवाही पर एकतरफा कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी कानुड़े ने जिले के शासकीय अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल प्राचार्यों को यूडाइस एवं ईपी 3.0 पोर्टल पर नामांकन बराबर नहीं करने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। दोनों पोर्टलों पर नामांकन बराबर होना चाहिए। शीघ्र कार्यवाही कर नामांकन कम न होने दें, क्योंकि डाटा प्रतिवेदित है। ईपी 3.0 में कम नामांकन पर यूडाइस अनुसार चाइल्ड प्रोफाइल पूर्ण करने की कार्यवाही करें। किसी भी स्थिती में दोनों पोर्टल पर नामांकन कम न हो अन्यथा अशासकीय संस्थाओं की मान्यता समाप्त करने एवं शासकीय संकुल प्राचार्यों का वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर